दिल्ली के नरेला विधानसभा क्षेत्र के अकबरपुर माजरा गांव में जलभराव ग्रामीणों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। गांव की मुख्य सड़क पर पानी जमा होने से राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से शिकायत और पत्राचार के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। नाराज ग्रामीणों ने अब चुनाव बहिष्कार की चेतावनी दी है।
तस्वीरें नरेला विधानसभा के अकबरपुर माजरा गांव की हैं, जहां मुख्य सड़क पर जलभराव ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सड़क और नाले का पानी एक समान नजर आने से लोगों को यह तक पता नहीं चलता कि कहां सड़क है और कहां नाला। रात के समय हालात और भी खतरनाक हो जाते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक जलभराव के बीच बने गड्ढों में गिरकर कई बुजुर्ग और राहगीर चोटिल हो चुके हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब हालत के चलते लोगों को पल्ला गांव की तरफ से कई किलोमीटर लंबा सफर तय कर अकबरपुर माजरा पहुंचना पड़ता है। वहीं खुले नालों की वजह से बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी स्थानीय लोग चिंतित हैं। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक गांव में पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी मुख्य सड़क पर जमा हो जाता है। यह समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत और पत्राचार किया गया, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला।
समस्या का समाधान नहीं होने से ग्रामीणों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी साफ दिखाई दे रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर सड़क की मरम्मत और जलनिकासी की व्यवस्था जल्द नहीं की गई तो इस बार चुनाव में गांव के लोग चुनाव बहिष्कार का फैसला ले सकते हैं। ग्रामीणों ने यह भी चेतावनी दी है कि वे गांव में किसी भी नेता को चुनाव प्रचार करने की अनुमति नहीं देंगे।
ग्रामीणों की सीधी मांग है कि सबसे पहले पानी की निकासी की स्थायी व्यवस्था की जाए, खुले नालों को सुरक्षित किया जाए और मुख्य सड़क को दुरुस्त कराया जाए। अब देखना होगा कि ग्रामीणों की नाराजगी के बाद प्रशासन और संबंधित विभाग इस समस्या का समाधान कब तक करते हैं।
रिपोर्टर - सोनू आउटर नॉर्थ दिल्ली

